तत्सम शब्द तत्सम शब्द

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए तत्सम शब्द की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए तत्सम शब्द की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

तत्सम शब्द: माइंडमैपतत्सम शब्द: माइंडमैप

mindmap root((तत्सम शब्द)) परिभाषा संस्कृत के मूल शब्द पहचान के नियम संयुक्त व्यंजन ऋ/क्ष/त्र/ज्ञ का प्रयोग विसर्ग का प्रयोग वर्गीकरण विकृत रूप (तद्भव) अविकृत रूप (तत्सम)
mindmap root((तत्सम शब्द)) परिभाषा संस्कृत के मूल शब्द पहचान के नियम संयुक्त व्यंजन ऋ/क्ष/त्र/ज्ञ का प्रयोग विसर्ग का प्रयोग वर्गीकरण विकृत रूप (तद्भव) अविकृत रूप (तत्सम)

तत्सम-तद्भव तुलनात्मक तालिकातत्सम-तद्भव तुलनात्मक तालिका

तत्समतद्भवतत्समतद्भव
अग्निआगअश्रुआँसू
अन्धकारअँधेराअमृतअमीय
कर्णकानकाष्ठकाठ
दधिदहीदुग्धदूध
मस्तकमाथामृत्युमौत

तत्सम शब्द की परिभाषातत्सम शब्द की परिभाषा

'तत्सम' दो शब्दों से मिलकर बना है: 'तत्' + 'सम', जिसका अर्थ है 'उसके समान' (अर्थात संस्कृत के समान)।'तत्सम' दो शब्दों से मिलकर बना है: 'तत्' + 'सम', जिसका अर्थ है 'उसके समान' (अर्थात संस्कृत के समान)।

वे शब्द जो संस्कृत भाषा से बिना किसी परिवर्तन के हिंदी में ज्यों के त्यों प्रयुक्त होते हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।वे शब्द जो संस्कृत भाषा से बिना किसी परिवर्तन के हिंदी में ज्यों के त्यों प्रयुक्त होते हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।

तत्सम पहचान के नियम - 1 (संयुक्त व्यंजन)तत्सम पहचान के नियम - 1 (संयुक्त व्यंजन)

जिन शब्दों में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र' का प्रयोग होता है, वे प्रायः तत्सम होते हैं।जिन शब्दों में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र' का प्रयोग होता है, वे प्रायः तत्सम होते हैं।

उदाहरण: क्षेत्र, परीक्षा, नक्षत्र, ज्ञान, श्रमिक, आश्रम।उदाहरण: क्षेत्र, परीक्षा, नक्षत्र, ज्ञान, श्रमिक, आश्रम।

तत्सम पहचान के नियम - 2 (ऋ का प्रयोग)तत्सम पहचान के नियम - 2 (ऋ का प्रयोग)

'ऋ' की मात्रा का प्रयोग केवल तत्सम शब्दों में ही होता है।'ऋ' की मात्रा का प्रयोग केवल तत्सम शब्दों में ही होता है।

उदाहरण: गृह, घृत, ऋक्ष, कृपाण, श्रृंगार, मृत।उदाहरण: गृह, घृत, ऋक्ष, कृपाण, श्रृंगार, मृत।

तत्सम पहचान के नियम - 3 (विसर्ग का प्रयोग)तत्सम पहचान के नियम - 3 (विसर्ग का प्रयोग)

जिन शब्दों में विसर्ग (:) का प्रयोग होता है, वे अनिवार्य रूप से तत्सम होते हैं।जिन शब्दों में विसर्ग (:) का प्रयोग होता है, वे अनिवार्य रूप से तत्सम होते हैं।

उदाहरण: प्रातः, कपूर (अपवाद), दुःख, अन्तःकरण।उदाहरण: प्रातः, कपूर (अपवाद), दुःख, अन्तःकरण।

तत्सम पहचान के नियम - 4 (श और ष)तत्सम पहचान के नियम - 4 (श और ष)

प्रायः तत्सम शब्दों में 'ष' वर्ण का प्रयोग अधिक होता है।प्रायः तत्सम शब्दों में 'ष' वर्ण का प्रयोग अधिक होता है।

उदाहरण: कृषक, पाषाण, षष्ठ, अष्ट, पुष्प।उदाहरण: कृषक, पाषाण, षष्ठ, अष्ट, पुष्प।

तत्सम से तद्भव परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण (1-20)तत्सम से तद्भव परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण (1-20)

1. आम्र-आम 2. उष्ट्र-ऊँट 3. कूप-कुआँ 4. गर्दभ-गधा 5. ग्राम-गाँव 6. घोटक-घोड़ा 7. चञ्चु-चोंच 8. दन्त-दाँत 9. दिवस-दिन 10. नकुल-नेवला 11. पत्र-पत्ता 12. पुत्र-पूत 13. भगिनी-बहन 14. मयूर-मोर 15. रात्रि-रात 16. वधू-बहू 17. सर्प-साँप 18. हस्त-हाथ 19. स्वर्ण-सोना 20. सूर्य-सूरज।1. आम्र-आम 2. उष्ट्र-ऊँट 3. कूप-कुआँ 4. गर्दभ-गधा 5. ग्राम-गाँव 6. घोटक-घोड़ा 7. चञ्चु-चोंच 8. दन्त-दाँत 9. दिवस-दिन 10. नकुल-नेवला 11. पत्र-पत्ता 12. पुत्र-पूत 13. भगिनी-बहन 14. मयूर-मोर 15. रात्रि-रात 16. वधू-बहू 17. सर्प-साँप 18. हस्त-हाथ 19. स्वर्ण-सोना 20. सूर्य-सूरज।

तत्सम से तद्भव परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण (21-40)तत्सम से तद्भव परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण (21-40)

21. सत्य-सच 22. शुष्क-सूखा 23. श्यामल-साँवला 24. श्रगाल-सियार 25. अट्टालिका-अटारी 26. आदित्यवार-इतवार 27. इच्छु-ईख 28. एकादश-ग्यारह 29. कदली-केला 30. कपाट-किवाड़ 31. कुम्भकार-कुम्हार 32. गर्भा-गाभ 33. गर्त-गड्ढा 34. गुहा-गुफा 35. छिद्र-छेद 36. तैल-तेल 37. दधि-दही 38. धान्य-धान 39. निद्रा-नींद 40. पक्षी-पंछी।21. सत्य-सच 22. शुष्क-सूखा 23. श्यामल-साँवला 24. श्रगाल-सियार 25. अट्टालिका-अटारी 26. आदित्यवार-इतवार 27. इच्छु-ईख 28. एकादश-ग्यारह 29. कदली-केला 30. कपाट-किवाड़ 31. कुम्भकार-कुम्हार 32. गर्भा-गाभ 33. गर्त-गड्ढा 34. गुहा-गुफा 35. छिद्र-छेद 36. तैल-तेल 37. दधि-दही 38. धान्य-धान 39. निद्रा-नींद 40. पक्षी-पंछी।

तत्सम से तद्भव परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण (41-60)तत्सम से तद्भव परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण (41-60)

41. पाद-पैर 42. प्रस्तर-पत्थर 43. फाल्गुन-फागुन 44. भिक्षा-भीख 45. मर्कट-बंदर 46. मार्ग-राह 47. मौक्तिक-मोती 48. यव-जौ 49. युवा-जवान 50. रिक्त-रीता 51. लज्जा-लाज 52. लोहकार-लुहार 53. वत्स-बेटा 54. वाष्प-भाप 55. व्याघ्र-बाघ 56. शर्करा-शक्कर 57. श्रावण-सावन 58. हस्ती-हाथी 59. हृदय-हिय 60. यष्टि-लाठी।41. पाद-पैर 42. प्रस्तर-पत्थर 43. फाल्गुन-फागुन 44. भिक्षा-भीख 45. मर्कट-बंदर 46. मार्ग-राह 47. मौक्तिक-मोती 48. यव-जौ 49. युवा-जवान 50. रिक्त-रीता 51. लज्जा-लाज 52. लोहकार-लुहार 53. वत्स-बेटा 54. वाष्प-भाप 55. व्याघ्र-बाघ 56. शर्करा-शक्कर 57. श्रावण-सावन 58. हस्ती-हाथी 59. हृदय-हिय 60. यष्टि-लाठी।

परीक्षा हेतु टिप्स और ट्रिक्सपरीक्षा हेतु टिप्स और ट्रिक्स

1. यदि शब्द में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र', 'ऋ', 'ष' हो, तो वह 90% तत्सम होगा।1. यदि शब्द में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र', 'ऋ', 'ष' हो, तो वह 90% तत्सम होगा।

2. 'व' तत्सम में होता है, तो तद्भव में अक्सर 'ब' हो जाता है (जैसे: वक-बगुला)।2. 'व' तत्सम में होता है, तो तद्भव में अक्सर 'ब' हो जाता है (जैसे: वक-बगुला)।

3. 'श' तत्सम में, तो तद्भव में 'स' हो जाता है (जैसे: श्यामल-साँवला)।3. 'श' तत्सम में, तो तद्भव में 'स' हो जाता है (जैसे: श्यामल-साँवला)।

4. चन्द्रबिन्दु (ँ) वाले शब्द हमेशा तद्भव होते हैं।4. चन्द्रबिन्दु (ँ) वाले शब्द हमेशा तद्भव होते हैं।